Friday, September 24, 2021

काज़ल


काज़ल की रेखा के क्या मायने है,

आओ समझनेकी कोशिश करे!


घर की जो चौखट! वैसे ही काज़ल,

नैनोंके घरकी हिफा़जत करे।


आँखोंमे छलके जो गम का समंदर

टकराये काज़ल,किनारा बने।


मूँदी जो अँखिया तो सपनोंकी सखियां

आयी टहलने,सहारा बने।


नजरोंमे बिजली,

तो काज़ल घटा है!

नजरें है रंगीं तो 

काज़ल छटा है!


नज़र को नज़र 

करने बैठे दिवाने! 

कातिल है काज़ल,

परदा हटा है!..


काज़ल का टिका जो 

नन्हेसे बालक के, 

गालोंपे बैठा सुनहरा लगे।


नजरें बला की,

वो टाले,सँभाले,

आँखोमे मिठासा सपना जगे।


नैना है मोती तो धागा है काज़ल

नैना है ज्योती तो काज़ल दिया है।


नयनोंके जल से है काज़ल का रिश्ता,

जितना पुराना उतना नया है।


                                   .🍃संतोष

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