Thursday, August 6, 2020

रामलला हम आयेंगे

*रामलला हम आयेंगे* 
*मंदिर वही बनायेंगे* 



सब मिलकर ये गायेंगे 
उत्सव पर्व मनायेंगे.

रामलला हम आयेंगे 
मंदिर वही बनायेंगे....|धृ |

अब वो पुराने दाग मीटेंगे 
संशय, भ्रम के मेघ छ्टेंगे 

सगुणरूपमे फिरसे हमारे 
रामलला जी खुद बैठेंगे..

रामलला तुम आस हमारी 
राह तकी कितनोने तुम्हारी 

शतको बिते,थी लाचारी 
फिरसे उठी गर्दन ये हमारी. 

अब न रुकेंगे अब न थमेगे 
यही गीत दोहरायेंगे.... 

*रामलला हम आयेंगे,* 
*मंदिर वही बनायेंगे.*

केवट आये,दर्शन पाये 
शबरी मिठे बेर खिलाये 

लछमन सीता हो हमसाये 
पवनपुत्र चरणोंमे गाये. 

मर्यादा पुरुषोत्तमजी के 
गुन मे हम खो जायेंगे. 

*रामलला हम आयेंगे* 
*मंदिर वही बनायेंगे.*

जब तक सुरज चांद गगन मे 
रामलला के चरण अवध मे. 

गरिमा के इस मंगल पथ मे 
डह न जाय, कोई अपने मद मे 

तना हो सीना लेकिन नत हो 
यही सूत्र अपनायेंगे.

*रामलला हम आयेंगे* 
*मंदिर वही बनायेंगे......* 

🙏🙏🍃🌸🌷🌸🍃🙏🙏

                             .🍃संतोष

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