Sunday, November 21, 2021

दिवाली

 

गतवर्षोंका किल्मिष हरने,

नवोत्साह मन मन मे भरने,

तेजोमय घर घर को करने,

*आज दिवाली आयी है!...*


*आज दिवाली आयी है।*


आंगन आंगन चांद सितारे 

झिलमिल करते प्यारे प्यारे

रात को भी होते उजियारे,

मंगल सी ऋत आयी है!


*आज दिवाली आयी है।*


त्योंहारोंकी ये महारानी,

इंद्र कुबेर भी भरते पानी,

परंपरा ये बहुत पुरानी,

शुभलक्ष्मी मुसकायी है!


*आज दिवाली आयी है।*


लक्ष लक्ष दिपक है जलते 

नेत्रकमल सबके है खिलते

आशा के मोती है पलते

लहर खुशी की छायी है!


*आज दिवाली आयी है।*


सम्मिलीत हो हर कोई अपना

सच हो संजोया हर सपना

हर क्षण मंगल हो अब अपना

मिलन की बेला आयी है!


*आज दिवाली आयी है।*


मिष्टान्नोंसे भरी है थाली,

कोई हाथ न जाये खाली

चहूं और फैले खुशहाली

उत्सव की घडी आयी है!


*आज दिवाली आयी है।*


*आज दिवाली आयी है।*


                                   .🍃संतोष

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